प्रकटन  

200 वर्षों से अधिक राष्ट्र की सेवा के साथ भारतीय स्टेट बैंक सुरक्षा, विश्वास और सत्यनिष्ठा का प्रतीक है। हम हमेशा इन मूल्यों को ग्राहकों के साथ अपने संबंधों में बनाए रखते हैं। इंटरनेट बैंकिंग इन संबंधों में मूल्य वृद्धि का एक और प्रयास है। इंटरनेट बैंकिंग सुविधा से ग्राहकों को बैंकिंग का कार्यसमय बढ़ जाने की सुविधा मिल जाती है| आदर्श बैंकिंग व्यवहार संहिता के संदर्भ में हम आपको इंटरनेट बैंकिंग की विशेषताओं के बारे में सूचित करते है।

प्रकटन क्या है।

इंटरनेट कितना सुरक्षित है, यह बहस अभी थमी नहीं है। इसलिए हम भी यही कहेंगे कि इंटरनेट बैंकिंग चैनल भी इंटरनेट क्षेत्र के निहित जोखिमों से मुक्त नहीं है। ...

विश्वभर में जागरूक प्रयोक्ताओं ने इन जोखिमों के प्रबंधन का तरीके खोज लिए हैं। बैंकों ने विश्वभर में अपने ग्राहकों को इंटरनेट से जोड़ा है और इससे उनकी दक्षता और सेवा गुणवत्ता में बहुत बढ़ोतरी हुई है| वास्तव में इसका लाभ ग्राहक को ही मिला है। और हम भी तो अपने ग्राहकों के लिए यही चाहते हैं। एक बार फिर से अगर जोखिम की बात करें तो अनुभव से कहा जा सकता है कि इंटरनेट बैंकिंग प्रयोक्ताओं को इन्टरनेट बैंकिंग के जोखिमों, उसके लाभों और उससे होने वाली सुविधाओं तथा कठिनाइयों को समझना और उनमें सामंजस्य रखना चाहिए। बैंक की तरफ से इन जोखिमों को कम करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक ने सुरक्षित तथा प्रभावशाली सिस्टम बनाया है। इस चैनल में सुरक्षा और संरक्षा के लिए हम आपसे भी थोड़े से प्रयास की अपेक्षा करते हैं। हम चाहते हैं कि हमारे ग्राहक इन जोखिमों की व्यवहारिकता समझें और इनसे बचने के लिए अपने स्तर पर आवश्यक सावधानी बरतें। इसमें प्रयोक्ता की ओर से यूजरनेम व पासवर्ड को सुरक्षित रखना और प्रणाली (System) की समग्र सुरक्षा रखना शामिल है।

सुरक्षा उपाय

भारतीय स्टेट बैंक का इंटरनेट बैंकिंग चैनल को भौतिक (physical) तथा तार्किक (लॉजिकल) दोनों प्रकार की उन्नत सुरक्षा विशेषताओं से सुसज्जित है। एसबीआई ने इंटरनेट जैसे सार्वजनिक नेटवर्क पर किए जाने वाले लेन-देनों में निहित विभिन्न जोखिमों के दृष्टिगत अपने ग्राहकों को जोखिमों से सुरक्षित रखने हेतु उचित सुरक्षा उपाय किए हैं। ...

फायर वॉल जैसे उपाय किए गए हैं ताकि केवल वैध वेब यातायात ही सर्वर तक पहुँच सके। 256- बिट सिक्योर लाकेट लेयर (एसएसएल) के एनक्रिप्शन प्रोद्योगिकी का प्रयोग किया गया है ताकि https://www.onlinesbi.sbi तथा आपके कम्प्यूटर के बीच सूचनाओं का आदान प्रदान सुरक्षित रह सके तथा किसी प्रकार की घुसपैठ न हो सके। इंटरनेट पर वैध सत्र में भेजी जाने वाली सूचनाओं का आदान- प्रदान 'VeriSign' से प्रमाणित है। इसके अतिरिक्त बैंक ने घुसपैठ का पता लगाने वाली प्रणाली (Intrusion Detection Systems) भी लगाई हुई है।

इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता

  • ग्राहकों का खाते बैंक के कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (CBS) में खोले और रखे जाते हैं । यह सीबीएस 24*7 आधार पर कार्य नहीं करता है। इंटरनेट बैंकिंग ग्राहकों की सुविधा के लिए खाता देखने और/या लेनदेन की कुछ सुविधाएं मात्र ही प्रदान करता है। सीबीएस की उपलब्धता के दौरान निर्धारित तरीके से ही खातों को संचालित करने की अनुमति रहती है।
  • इंटरनेट बैंकिंग की कुछ सेवाएं बैंक या बैंक के बाहर अन्य प्रणाली स्रोतों (OSS) के साथ जोड़ कर बढ़ाया गया है, जिनमें से कुछ सेवाएं 24*7 आधार पर कार्य कर सकती हैं, और कुछ नहीं भी। यह सेवाएं तभी उपलब्ध होंगी जब OSS चालू हो। इंटरनेट बैंकिंग भी नेटवर्क उपलब्ध होने पर ही चलती है। इसके अतिरिक्त डाउन- टाइम के दौरान इंटरनेट बैंकिंग उपलब्ध नहीं होंगी।
  • स्थायी निर्देश / पूर्व-निर्धारित लेन-देन नियत देय तिथि पर प्रात: 8 बजे के बाद निष्पादित किए जाते हैं। निष्पादन में लगने वाला समय इस बात पर निर्भर करता है कि इंटरनेट बैंकिंग, सीबीएस तथा ओएसएस जैसी प्रणालियों पर कार्यभार कितना है।

प्रदान की जाने वाली सेवाएं

ऑनलाइन एसबीआई हमारे ग्राहकों के लिए एक अतिरिक्त चेनल है जो शाखाओं में दी जानी वाली अधिकतर सेवाएं प्रदान करता है। इस सेवा से निधि अंतरण, तृतीय पक्ष को भुगतान, बिल भुगतान, बैंक खाता खोलने , लोन खाते बंद करने , ऋण के आंशिक भुगतान, पीपीएफ लेन-देन तथा डिमांड ड्राफ्ट जारी किए जाने जैसी वित्तीय सेवाएं प्राप्त हो सकती हैं। गैर- वित्तीय सेवाएं जैसे खाते संबंधी विवरण देखने, चेक बुक के लिए अनुरोध, स्थायी अनुदेश देने आदि के लिए भी इस चैनल का उपयोग किया जा सकता है।

नियंत्रण उपाय

हमने ऑनलाइन ग्राहकों के लिए परिचालन तथा नियंत्रण के निम्नलिखित उपाय स्थापित किए हैं: ...

  • इंटरनेट बैंकिंग तक पहुंच पंजीकरण करने पर ही दी जाती है।
  • यूज़र आईडी तथा पासवर्ड एक सुरक्षित वातावरण में जनरेट होता है तथा इसका वितरण स्वचालित होता है।
  • यूज़र आईडी तथा पासवर्ड ऐसी स्टेशनरी पर छापा जाता है जिससे छेड्छाड न की जा सके तथा इन्हें ग्राहक को अलग से डाक से भेजा जाता है। यूज़र आईडी एसएमएस से और पासवर्ड डाक / कोरियर से भी भेजा जा सकता है या यूजर आईडी और पास वर्ड व्यक्तिगत रूप में होम ब्रांच से भी लिया जा सकता है।
  • पहली बार लॉग-इन करते ही यूज़र आईडी तथा पासवर्ड बदलना अनिवार्य है।
  • इंटरनेट सेवा संबंधी समस्त पत्राचार शाखा में दर्ज पते पर ही किया जाता है।
  • ग्राहक के लॉग-इन तथा अन्य कार्यकलाप पर नज़र रखी जाती है तथा इन्हें भविष्य में संदर्भ हेतु सुरक्षित रखा जाता है।
  • ग्राहक इस सेवा के माध्यम से किए जाने वाले लेन-देन हेतु मौद्रिक सीमाएं तय कर सकता है। इसमें संशोधन केवल ग्राहक स्वयं ही कर सकता है।

लेन-देन की कुछ श्रेणियों में प्राधिकरण के दूसरे उपाय जैसे कि एकबारीय पासवर्ड(One Time Password) भी किए जाने चाहिए।

सावधानियाँ

बैंकिंग एवं अन्य लेन-देनों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए ग्राहकों को निम्नलिखित उपाय अपनाने चाहिए। यह उपाय केवल एसबीआई की साइट के लिए ही नहीं हैं । विश्व के सभी बैंक परस्पर हितों के लिए अपने ग्राहकों से इनका पालन करने के लिए कहते हैं। ...

  • इन्टरनेट बैंकिंग साइट में प्रवेश के लिए यूजर नेम और पासवर्ड अनिवार्य हो। जागरूक प्रयोक्ता किसी की उपस्थिति में कुंजी पटल पर इन्हे टंकित नहीं करते।
  • लॉगिन और प्रोफ़ाइल के लिए अलग-अलग पासवर्ड का प्रयोग करें।
  • जब आप www.onlinesbi.sbi पर काम कर रहे हों तो कंप्यूटर को खुला छोड कर न जाएँ।
  • यदि आपको संदेह हो कि किसी अन्य व्यक्ति को आपके पासवर्ड की जानकारी हो गई है तो कृपया अपना पासवर्ड बादल लें। किसी भी अविश्वसनीय सिस्टम पर बैंकिंग लेन – देन करने से बचना ही अच्छा है।
  • अपना काम पूर्ण करने के बाद https://www.onlinesbi.sbi के ब्राउज़र को बंद कर लॉग ऑफ कर दें। सही लॉग ऑफ न करने पर आपकी मशीन और https://www.onlinesbi.sbi के बीच कुछ समय तक संबंध बना रहता है।
  • अपनी डायरी या ऐसे किसी भी स्थान पर अपना पासवर्ड और यूजर नेम न लिखें जहां से यह किसी के हाथ लग सके।
  • अपने कंप्यूटर पर यूजर नेम और पासवर्ड को स्वतः याद रखने का विकल्प न देना ही बेहतर है।
  • कभी भी अपना यूजर नेम और पासवर्ड दूसरों को न बताएं,।
  • यदि आपका कम्प्यूटर वायरस ग्रस्त हो तो उस पर OnlineSBI लॉगइन न करें।

त्रुटियाँ

समय –समय पर अपना खाता विवरण देखते रहें। उसमें कोई भी त्रुटि होने पर अविलंब बैंक को रिपोर्ट करें।