सेवा शर्तें (शर्तें और निबंधन)  

1. परिभाषाएँ

इन सेवा शर्तों में अन्यथा उल्लेख न किए जाने तक दिए गए शब्दों और वाक्यांशों का वही अर्थ लिया जाए जो उनके सामने दिया गया है।

बैंक का आशय भारतीय स्टेट बैंक से है, जो संसद के एक अधिनियम के तहत संस्थापित एक निकाय है, इसका कारपोरेट कार्यालय ‘स्टेट बैंक भवन’ मैडम कामा मार्ग, नरिमन प्‍वाइंट, मुंबई - 400021 पर स्थित है। (बैंक शब्द के आशय में, विषय या संदर्भ विशेष के अन्यथा होने तक, इसके परवर्ती एवं समुनेदिशीति भी शामिल हैं।)

बैंक की इन्टरनेट बैंकिंग सुविधा का नाम OnlineSBI है। इसकी साइट का नाम retail.onlinesbi.sbi/personal है।

इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं से समय-समय पर बैंक द्वारा www.onlinesbi.sbi के माध्यम से सूचित खातों की जानकारी, उत्‍पाद और अन्‍य सेवाएँ ली जा सकती है। (जिनमें वित्‍तीय और गैर-वित्‍तीय प्रकृति के लेन-देन भी शामिल हैं)

इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं के प्रयोग के लिए अधिकृत ग्राहक को प्रयोक्ता कहते हैं।

Online SBI से विभिन्न सेवाएँ लेने के लिए ग्राहक द्वारा बैंक के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं को गोपनीय सूचनाएँ कहा जाता है।

इन्टरनेट बैंकिंग सेवा के संबंध में अपने ग्राहक से बैंक जो सूचनाएँ लेता है उन्हें व्यक्तिगत सूचनाएँ कहते हैं।

खाते का अर्थ यूजर के उन बचत और / अथवा चालू खाते और / अथवा सावधि जमा या किसी अन्‍य प्रकार के खाते से है जिन्हें इंटरनेट बैंकिंग या एनएसडीएल अथवा सीडीएसएल में खोले गए डी-मेट खाते के माध्‍यम से परिचालन के लिए पात्र खाते के रूप में बैंक द्वारा नामित किया गया है |

डी-मैट खाते के अन्य धारकों से आशय है जो डी-मैट खाते के प्रथम नामित धारक नहीं हैं। डी-मैट खातों के लिए बैंक की इन्टरनेट बैंकिंग सेवा उस ग्राहक को दी जाती है जिसके नाम एक डी-मैट खाता और बैंक खाता हो ( अर्थात बैंक खाते और डी-मैट खाते के पहले धारक का नाम समान हो)। बैंक को इन नियम व शर्तों में परिवर्तन करने का अधिकार है। डी-मैट खाते को एक यूज़र आईडी से जोड़ा जाएगा ताकि onlineSBI से इसे एक्सेस किया जा सके। ग्राहकों का डी-मैट खाता संयुक्त होने पर बैंक मानेगा की अन्य धारकों ने प्रथम धारक को खाते में पूछताछ करने या लेन – देन करने के लिए प्राधिकृत किया है और यह उन पर बाध्यकारी होंगे।

चूंकि बैंक डी-मैट की सूचनाएँ एनएसडीएल और सीडीएसएल से लेता है, इसलिए अपनी शाखा से इनकी वर्तमान स्थिति मालूम कर लें।

एनएसडीएल/सीडीएसएल से मिलने वाली सभी सूचनाएं " जैसी हैं ” के आधार पर किसी प्रकार की वारंटी के बिना प्रदान की गई हैं। बैंक किसी भी प्रकार से इनका प्रतिनिधित्व नहीं करता और यूज़र और / या किसी तीसरे पक्ष को कोई प्रकट, अप्रकट वारंटियाँ, जिनमें शुद्धता/सत्यता(accuracy), समयबद्धता, पूर्णता, विपणनीयता (merchantability) या किसी उद्देश्य विशेष हेतु सूचना की उपयुक्तता और अन्य कोई सांविधिक वारंटियां नहीं देता।

फ्यूचर खाते: यदि प्रयोक्ता इसी सीआईएफ से कोई फ्यूचर खाता खोले तो इन्टरनेट बैंकिंग के किसी भी उपयोग पर लागू नियम व शर्तें स्वतः ही लागू होंगी।

अवयस्कों के नाम खाते: अवयस्कों के लिए और उनकी ओर से खोले गए खातों के मामलों में अवयस्कों को इन्टरनेट बैंकिंग सुविधा नहीं दी जाएगी।

अवयस्क के नैसर्गिक अभिभावकों को ‘सीमित लेन-देन’ अधिकारों के साथ इन्टरनेट बैंकिंग अनुमत होगी। नैसर्गिक अभिभावक यह वचन पत्र देंगे कि वे खाते के परिचालन हेतु आवश्यक सभी निर्देश देंगे और यूज़र आईडी एवं पासवर्ड अवयस्क को नहीं बताएंगे, उनके ऐसा करने पर सारी ज़िम्मेदारी व जोखिम उनकी स्वयं की होगी और अवयस्क द्वारा खाता परिचालित करने से हुई किसी भी हानि के लिए बैंक की देयता नहीं होगी और यह माना जाएगा कि यह लेन-देन अभिभावक ने ही किया है।

तीसरे पक्ष उत्पाद का आशय तीसरे पक्ष के उन उत्पादों और / अथवा सेवाओं से है जो बैंक मध्यस्थों द्वारा या उनके माध्यम से उपलब्ध करवाए जाते हैं।

ग्राहक का आशय उस ग्राहक से है जिसका नाम आवेदन पत्र में दिया गया है और जहां आवश्यक हो तो उसके अधिकृत प्रतिनिधि से है।

इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं का आशय उन सेवाओं से है जो बैंक अपने पंजीकृत ग्राहकों को पूछताछ करने या लेन-देन करने के लिए बैंक की वेबसाइट retail.onlinesbi.sbi/personal पर उपलब्ध करवाता है |

एसएमएस पासवर्ड एक बार(One Time) 8 अंकों का पास कोड होता है जो बैंक के रिकार्ड में दर्ज ग्राहक के मोबाइल पर भेजा जाता है।

अनुदेश का आशय बैंक द्वारा इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से ग्राहक को भेजा गए किसी अनुरोध या अनुदेश से है।

2. शर्तों की व्‍यावहारिकता / उपयुक्‍तता

यहां दी गई शर्तें प्रयोक्‍ता / यूजर जो इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं का प्रयोग करता है और बैंक के बीच के करार को दर्शाती हैं। इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं के लिए आवेदन करने और सेवा का उपयोग कर लेने पर माना जाएगा की ग्राहक को ये शर्तें स्वीकार हैं और उसने इसकी अभीस्‍वीकृति दे दी है। ...

सेवा की शर्तें (शर्तें एवं निबंधन) इन शर्तों के अलावा ग्राहक के खातों से संबंधित कोई भी शर्त यथावत लागू रहेगी लेकिन इन शर्तों और खाते की शर्तों के बीच विवाद की स्थिति में, सेवा शर्तें जारी रहेंगी। इस करार के अन्य किसी करार से प्रतिस्थापित कर दिए जाने या दोनों में से किसी पक्ष द्वारा इस करार के समाप्त कर दिए जाने, जो भी पहले हो, तक यह करार वैध रहेगा।

3. इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं के लिए आवेदन

बैंक को चुनिंदा ग्राहकों को इंटरनेट बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने का अधिकार है। ग्राहक को इंटरनेट यूजर होना या इंटरनेट तक उसकी पहुंच होनी आवश्‍यक है। ...

आवेदन की स्वीकृति और उसकी अभिस्‍वीकृति (acknowledgement) हो जाने मात्र से ही इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं के लिए आवेदन स्वीकृत हो जाना आवश्यक नहीं है। बैंक समय-समय पर इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं के प्रयोग के लिए जरूरी इंटरनेट सॉफ्टवेयर जैसे ब्राउजर के लिए परामर्श दे सकता है। इस इंटरनेट सॉफ्टवेयर के सभी वर्जन को यह सेवाएँ सपोर्ट करें इस विषय में बैंक बाध्‍य नहीं होगा

4. इंटरनेट बैंकिंग सेवाएं

इंटरनेट बैंकिंग सेवा जैसे की उसके खाते(तों) में शेष की जानकारी, लेन-देनों का ब्योरा, खाता विवरणी, चेक-बुक जारी करने का अनुरोध, उसी यूजर के खातों में और अन्‍य खातों में निधियों के अंतरण के लिए अनुरोध और कई अन्‍य सुविधाएं जो बैंक समय-समय पर यूजर को प्रदान करने का निर्णय करे। ...

ये सुविधाएँ बैंक के विवेकाधिकार से चरणबद्ध तरीके से प्रदान की जाएंगी । बैंक बिना किसी पूर्व सूचना अथवा कारण के उपलब्‍ध इन इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं को बढ़ा या घटा सकता है। किसी विशेष सेवा की उपलब्‍धता / अनुपलब्‍धता बैंक के वैब पेज या लिखित संप्रेषण, या किसी अन्‍य माध्‍यम से जैसा भी बैंक उचित समझे सूचित की जाएगी। बैंक में उपलब्‍ध इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं में प्रयोग की जा रही प्रोद्योगिकी में पर्याप्त सुरक्षा और इन सेवाओं को अनधिकृत पहुंच से सुरक्षित रखने के लिए बैंक अपने पास उपलब्ध प्रोद्योगिकी से उचित उपाय करेगा। यूजर किसी भी अवैध और अनुचित उद्देश्‍य के लिए इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं या कोई अन्‍य संबंधित सेवाओं का न तो स्वयं उपयोग करगा और न ही किसी अन्य को अनुमति देगा।

सुरक्षा कारणों से यूजर को समय-समय पर, यथासंभव 90 दिनों में एक बार पासवर्ड बदल देना चाहिए। यूजर-आईडी और पासवर्ड के अतिरिक्त बैंक चाहे तो, यूजर को निर्देश दे सकता है कि वे बैंक अथवा अन्य लाइसेन्सधारी या अनुमोदित प्रमाणीकरण प्राधिकारियों द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड, एक बारीय पासवर्ड और / या डिजिटल प्रमाणीकरण का प्रयोग करें।

कंप्‍यूटर और बैंक के कंप्यूटर नेटवर्क में उपलब्‍ध खाते की सूचना को इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं के अतिरिक्‍त किसी भी अन्‍य माध्यम / साधनों से एक्सैस करने का न तो यूजर स्वयं प्रयास करेगा और न ही किसी अन्य को ऐसे प्रयास करने की अनुमति देगा।

यूजर को पहली बार लॉगिन करने के लिए बैंक एक यूजर-आईडी और एक पासवर्ड देगा। यूजर के लिए इन्हें प्रथम बार इंटरनेट बैंकिंग सेवा एक्सैस करने के समय बदलना अनिवार्य होगा।

5. यूजर आईडी व पासवर्ड

प्रयोक्ता / यूजर :

  • यूजर आईडी और पासवर्ड पूर्णरूप से गोपनीय रखें और किसी को भी न बताएं।
  • कम से कम 8 वर्ण का एक पासवर्ड जिसमें ऐसे अक्षर, संख्या और विशेष चिह्न शामिल हों, जो प्रयोक्ता के बारे में सामान्यतः जाहिर व्यक्तिगत जानकारी जैसे उसका नाम, पता, जन्मतिथि, टेलीफ़ोन नंबर, गाड़ी नंबर, लाईसेंस आदि न हों। ये सरलता से समझ में आने वाले अक्षरों और / अथवा संख्याओं के मेल से बनने वाले भी नहीं होने चाहिए।
  • यूजर-आईडी और पासवर्ड को याद रखेँ तथा कहीं लिखकर अथवा इलेक्ट्रॉनिक रूप में दर्ज करके नहीं रखें। और
  • अपने कंप्यूटर पर किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को एक्सैस नहीं करने दें अथवा इंटरनेट बैंकिंग करते समय कंप्यूटर को अकेला न छोड़े।
  • अपनी व्यक्तिगत अथवा गोपनीय जानकारी किसी को भी ईमेल / एसएमएस / फोन पर, चाहे यह कथित रूप से भारतीय स्टेट बैंक से ही क्यों न हो, नहीं देनी चाहिए। एसबीआई अथवा इसके कोई प्रतिनिधि कोई ई-मेल / एसएमएस / या फोन करके आपसे आपकी व्यक्तिगत जानकारी जैसे यूजर नाम, पासवर्ड, एक बारीय एसएमएस पासवर्ड आदि के बारे में कभी नहीं पूछता। पासवर्ड (र्डों) के सुरक्षित प्रयोग के लिए लागिन पेज retail.onlinesbi.sbi/personal लिंक में “पासवर्ड मनेजमेंट” में दिए गए सुझाव पढ़ें।
  • यदि आपके कंप्यूटर मशीन में खराबी है (वायरस, ट्रोजन्स, आदि) तो आनलाइन एसबीआई को एक्सैस न करें।

यूजर-आईडी और / अथवा पासवर्ड के भूल जाने या पासवर्ड के कालातीत / निष्क्रिय हो जाए तो, यूजर, पासवर्ड बदलवाने के लिए बैंक को लिखित अनुरोध कर सकता है। नए पासवर्ड का चयन और / अथवा यूजर-आईडी बदलवाने से कोई नया अनुबंध नहीं बनता। यूजर आईडी और पासवर्ड के प्रयोग में या प्रयोक्ता द्वारा बैंक के इंटरनेट बैंकिंग सेवा संबंधी अनुदेशों, जो समय-समय पर बैंक की साइट पर दिए जाते हैं, के पालन में हुई लापरवाही के कारण प्रयोक्ता को हुई किसी भी हानि के लिए प्रयोक्ता स्वयं ही जिम्मेदार है, यह बात प्रयोक्ता स्वीकार करता है और इसकी अभिस्वीकृति देता है। प्रयोक्ता ऐसी किसी भी हानि के लिए बैंक को पूरी तरह से क्षतिपूर्ति करने और बैंक को जवाबदेही से मुक्त करने हेतु सहमत होता है।

यूजर को यह मानना है कि यदि यूजर आईडी के कारण यूजर के स्वयं द्वारा अथवा बैंक द्वारा समय-समय पर प्रकाशित इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं अनुदेशों का अनुसरण करने में असफल रहने के कारण हुए किसी प्रकार के नुकसान के लिए बैंक जिम्मेवार अथवा उत्तरदायी नहीं होगा। यूजर पूर्णरूपेन क्षतिपूर्ति के लिए सहमत है और जो बैंक के लिए नुकसानदायक है।

यूजर - आईडी बंद होना /लॉकिंग

कई बार गलत प्रयास करने से इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड / यूजर आइडी लॉक हो जाते हैं। ऐसे असफल प्रयासों की संख्या (वर्तमान में 3 असफल प्रयास) समय-समय पर बैंक द्वारा निर्धारित की जाती है। अगले दिन ये प्रयास काम करने के लिए फिर उपलब्ध होंगे। जरूरत के समय, यूजर आईडी / पासवर्ड शाखा से भी चालू / अनलॉक करवाया जा सकता है।

यूजर आइडी निष्क्रिय (Deactivation) करवाना :

यदि बैंक द्वारा निर्धारित अवधि में यूजर इंटरनेट बैंकिंग आइडी का प्रयोग नहीं किया गया हो तो बैंक उसे निष्क्रिय कर सकता है। खाते में लेन-देन के असंतोषजनक होने पर भी बैंक उस प्रयोक्ता का इंटरनेट बैंकिंग लॉगिन निष्क्रिय कर सकता है|

6. साइबर अपराध / क्राइम

इंटरनेट अपने आप में विभिन्न साइबर क्राइम जैसे फीशिंग, विशिंग (वॉइस फीशींग), एसएमसिंग (एसएमएस के माध्यम से फीशिंग), यूजर के सिस्टम की सुरक्षा को भेदने आदि की दृष्टि से अति संवेदनशील है, इससे भुगतान अनुदेश / बैंक के अन्य अनुदेश प्रभावित हो सकते हैं। यद्यपि बैंक ग्राहकों के हितों की सुरक्षा करने का प्रयास करता है। फिर भी ऐसे साइबर अपराधों और अन्य गतिविधियां जो भुगतान अनुदेशों / बैंक के अन्य अनुदेशों (जिनमें अनुदेशों की प्रोसेसिंग असफल रहना या उनके क्रियान्वयन में विलंब भी शामिल हैं) को प्रभावित कर सकते हैं, के न होने संबंधी कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। यूजर ऐसे सभी जोखिमों का अलग से मूल्यांकन करेंगे और बैंक ऐसे साइबर अपराधों से हुई किसी हानि के लिए जिम्मेवार नहीं होगा। यूजर को समझना होगा कि साइबर कैफे / साझे कंप्यूटर टेर्मिनलों पर नेट बैंकिंग लेन-देन करना जोखिम भरा है, और उन्हें ऐसा करने से बचना चाहिए।

7. लोप एवं कार्य संबंधी गलतियाँ

निधियों के अंतरण और/अथवा डिमांड ड्राफ्ट, चेक जारी करने के लिए उचित, सही और पूर्ण विवरण के लिए प्रयोज्य डाटा भरना। ...

उदाहरण के लिए, ग्राहक को जागरूक होना चाहिए कि :

  • उसे जिस व्यक्ति को निधियां भेजनी हैं उस व्यक्ति के खाते का नंबर सही भरना होगा।
  • क्रेडिट कार्ड से भुगतान करते समय उसे क्रेडिट कार्ड की संख्या सही भरनी होगी।
  • उसे आदाता के नाम (जिसका खाता बैंक में हो सकता है या नहीं भी हो सकता), पत्राचार का पता, डिमांड ड्राफ्ट की राशि और उस शहर / राज्‍य का नाम जहाँ डिमांड ड्राफ्ट का भुगतान किया जाना है आदि जानकारी सही-सही भरनी जरूरी है।

इस संबंध में किसी प्रकार की गलती होने की स्थिति में, निधि किसी गलत खाते में अंतरित हो जाएंगी अथवा डिमांड ड्राफ्ट गलत जारी हो सकता है या किसी गलत पते पर जा सकता है, और इसके बाद उसकी वसूली की कोई गारंटी नहीं है। अत: यूजर को यह सुनिश्चित करना होगा कि इसमें कोई भूल या गलती नहीं हुई है और जो जानकारी उसने बैंक में दी है वह त्रुटि रहित है, सही है, उचित और हर समय पर अद्यतन है। यूजर की गलती से होने वाली किसी भी हानि के लिए वह बैंक को क्षतिपूर्ति करेगा।

रिज़र्व बैंक के अनुदेशानुसार किसी खाते में राशि जमा करने का आधार लाभार्थी के खाते का नंबर ही रहेगा उसके नाम का इस हेतु कोई उपयोग नहीं होगा। दूसरी तरफ, किसी दूसरे की गलती या किसी अन्य कारणों से यूजर के खाते में जमा आने पर, बैंक उसको बगैर बताए किसी भी समय गलती से हुए इस क्रेडिट को वापस कर सकेगा। ऐसे किसी भी गलत या अन्‍यायोचित लाभ के खाते में आ जाने पर, यूजर बैंक के प्रति जवाबदेय और जिम्मेवार होगा और बिना सवाल उठाए बैंक के अनुदेशों को स्वीकार करने के लिए सहमत होगा।

8. प्रोद्यौगिकी जोखिम

बैंक की साइट को समय समय पर मेंटेन करना होता है। इस मेंटेनेंस के दौरान ग्राहक के किसी अनुरोध पर कार्यवाही संभव नहीं होगी। इसका परिणाम ग्राहक के अनुदेशों पर कार्यवाही में विलंब या असफलता हो सकता है। प्रयोक्ता को यह समझ लेना चाहिए कि बैंक द्वारा ग्राहक के किसी अनुदेश पर कार्यवाही न हो सकने अथवा किसी अन्य कारण से हुई भी किसी प्रकार की हानि के लिए बैंक सभी प्रकार व किसी प्रकार का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष उत्तरदायित्व स्वीकार नहीं करेगा।

9. संयुक्त खाते

इंटरनेट बैंकिंग सेवा संयुक्त खातों में केवल तभी दी जा सकती है जब खाते का परिचालन मोड “दोनों में से एक या उत्तरजीवी” या “कोई भी या उत्तरजीवी” या “पहला खाताधारक या उत्तरजीवी” हो। “पहला खाताधारक या उत्तरजीवी” खाते के मामले में इंटरनेट बैंकिंग सुविधा केवल “पहला खाताधारक” को दी जाएगी। “कोई भी या उत्तरजीवी” खातों के मामले में यदि ग्राहक अनुरोध करते हैं तो प्रत्येक संयुक्त खाताधारक को इंटरनेट बैंकिंग सुविधा दी जा सकती है। “कोई भी या उत्तरजीवी” खातों के मामले में यदि कोई एक खाताधारक भी लिखित में इंटरनेट बैंकिंग सेवा के लिए “परिचालन रोकना” के अनुदेश देता है तो उस प्रयोक्ता के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। “पहला खाताधारक या उत्तरजीवी” खाते के मामले में इस प्रकार के अनुदेश अन्य खाताधारक द्वारा नहीं दिए जा सकेंगे।

10. लेन-देन सीमा (LIMITS)

प्रयोक्ता जानता है कि बैंक समय-समय पर अधिकतम तथा न्यूनतम लेन-देन सीमाएं निर्धारित कर सकता है। इनमें निधियों के अंतरण की दैनिक सीमाएं शामिल हैं। यह दैनिक सीमा डिमांड ड्राफ्ट / अंतर कार्यालय लिखत (आईओआई) जो भुगतान अनुदेशों के तहत दी गई हों। प्रयोक्ता स्वीकार करता है कि इससे उसका जोखिम कम होता है। उदाहरण के लिए बैंक किसी विशेष अवधि या किसी विशेष अवधि में किसी विशेष राशि पर या यहां तक कि प्रत्येक लेन- देन सीमा निर्धारित कर सकता है। ये सीमाएं प्रयोक्ता पर बाध्यकारी होंगी तथा उसे दृढ़ता से उसका पालन सुनिश्चित करना होगा। बैंक संगत पेज या वेबसाइट पर उचित संदेश देगा।

11. प्रभार

बैंक अपने विवेकाधिकार से समय-समय पर इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं के प्रयोग के लिए प्रभार निर्धारित कर सकता है तथा / या कुछ विशेष सेवाओं के लिए अतिरिक्त प्रभार निर्धारित कर सकता है। ये प्रभार बैंक की वेबसाइट (www.sbi.co.in) तथा retail.onlinesbi.sbi/personal पर दिखाए जाते हैं तथा इसके साथ ही प्रभारों / शुल्कों में किया गया कोई भी परिवर्तन इन्हीं साइटों पर दर्शाया जाता है। जहां पर भी लागू हो, सभी आउट ऑफ पॉकेट खर्चे प्रयोक्ता करेगा। प्रयोक्ता तथा संयुक्त खातों के मामले में अन्य खाताधारक एतद्वारा बैंक को प्राधिकृत करते हैं कि बैंक समय-समय पर निर्धारित इंटरनेट से संबंधित प्रभारों को प्रयोक्ता या संयुक्त खाताधारक के किसी भी खाते को डेबिट कर वसूल सकेगा।

12. खाते में पर्याप्त अधिशेष रखना

प्रयोक्ता को यह सुनिश्चित करना होगा कि इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से लेन-देन के लिए प्रत्येक खाते में पर्याप्त पैसा हो (या क्रेडिट सुविधा के लिए पर्याप्त आहरण शक्तियां हो)। निधियों तथा / अथवा ऋण सुविधा की अपर्याप्तता के कारण ग्राहक के अनुदेशों को पूरा न कर पाने के लिए बैंक का कोई उत्तरदायित्व नहीं होगा। बैंक के पास यह अधिकार सुरक्षित है कि बैंक प्रयोक्ता के पूर्व अनुमोदन या उसकी पूर्व सूचना के बिना पैसे की अपर्याप्तता के बावजूद अपने विवेकाधिकार से ग्राहक के अनुदेशों को कार्यान्वित कर सके तथा प्रयोक्ता इस प्रकार बने ओवरड्राफ्ट, अग्रिम या ऋण से संबंधित बैंक द्वारा निर्धारित दर पर सभी व्यय तथा प्रभारों की चुकौती करेगा। खाते में न्यूनतम अधिशेष न रखने के लिए बैंक अपने विवेकाधिकार से दांडिक(Penal) ब्याज लगा सकता है। यदि किसी समय जमा राशि उपरोक्त निर्धारित न्यूनतम सीमा से कम हो जाती है तो या / अथवा सेवा शुल्कों का भुगतान नहीं किया गया हो तो बैंक प्रयोक्ता को बिना कोई नोटिस दिए तथा / अथवा कोई देयता या उत्तरदायित्व स्वीकार किए बिना या बिना कोई कारण दिए इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं को पूर्णतः या आंशिक रूप से वापस ले सकता है।

13. समंजन और लियन का अधिकार (RIGHT TO SET OFF AND LIEN )

बैंक को प्रयोक्ता(ओं) के खाते या अन्य खाते, चाहे वो एकल नाम में हो या संयुक्त नाम में हो, पर प्रयोक्ता को दी गई इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं तथा / अथवा प्रयोक्ता द्वारा प्रयोग की गई इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं के कारण सृजित होने वाली देय राशि की सीमा तक अन्य किसी लियन अथवा प्रभार, वर्तमान अथवा भविष्य में होने वाले लियन के बावजूद समंजन और लियन का अधिकार होगा।

14. निधि अंतरण (FUNDS TRANSFER)

प्रयोक्ता संबंधित इंटरनेट बैंकिंग खाते में बिना पर्याप्त राशि के राशि अंतरित करने के लिए इंटरनेट बैंकिंग सेवा का प्रयोग नहीं करेगा या प्रयोग करने का प्रयास नहीं करेगा अथवा बैंक के साथ बिना पूर्वनिर्धारित व्यवस्था के बिना ओवरड्राफ्ट की स्वीकृति के लिए भी प्रयास ...

नहीं करेगा। बैंक इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं के माध्यम से प्राप्त निधि अंतरण लेन-देनों को कार्यान्वित करने का पूरा प्रयास करेगा बशर्ते प्रयोक्ता के खाते में पर्याप्त पैसा हो। बैंक के नियंत्रण से बाहर की परिस्थितियों के कारण सभी अथवा किसी एक भुगतान में होने वाली किसी त्रुटि या देरी के लिए बैंक उत्तरदायी नहीं होगा। अनदेखी / असावधानी के कारण सृजित हुए ओवरड्राफ्ट स्थिति में, प्रयोक्ता इस अति-आहरण (ओवरड्रान) राशि तथा उस पर बैंक द्वारा समय-समय पर निर्धारित ब्याज देगा।

ए. अन्य खातों / वीज़ा कार्ड में निधि अंतरण

प्रयोक्ता यह स्वीकार करता है कि निधि अंतरण अनुरोध के लिए लाभप्राप्त कर्ता (बेनिफिशियरी) के खाता संख्या / अन्य विवरण के लिए उत्तरदायी होगा। प्रयोक्ता द्वारा गलत / अनुपयुक्त / अपूर्ण खाता संख्या, बेनिफिशियरी की सूचना तथा / अथवा कोई अन्य विवरण के परिणामस्वरुप होने वाले किसी गलत लेन-देन के लिए बैंक किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं होगा।

यदि प्रयोक्ता को निधि अंतरण सुविधा उपलब्ध कराई गई है तो इसका उपयोग प्रयोक्ता के अपने खातों में अंतरण तथा / अथवा प्रयोक्ता के खाते से बैंक में मेंटेन किए गए तथा / अथवा दूसरे बैंक में मेंटेन किए गए तीसरे पक्ष के खाते में अंतरण के लिए किया जा सकता है। यदि इस प्रकार का अंतरण किसी तीसरे पक्ष के खाते में किया जाता है जिसका खाता भारतीय रिजर्व बैंक की इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण (EFT) व्यवस्था के अंतर्गत नेटवर्क के बैंक में है तो इस पर भारतीय रिजर्व बैंक की राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण (NEFT) तथा वास्तविक समय सकल निपटान प्रणाली (RTGS) द्वारा नियंत्रित सेवा-शर्तें (शर्तें एवं निबंधन) लागू होंगी, इन्हें भारतीय रिजर्व बैंक तथा हमारी कारपोरेट वेबसाइट(www.sbi.co.in) पर उपलब्ध करवाया गया है। .

बी. बिल भुगतान

यूजर के अनुरोध पर उसको इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से अपने बिल का भुगतान करने के लिए बैंक द्वारा समय-समय पर उपलब्‍ध कराई गई इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं को स्‍वीकार करता है और सहमत है। यदि यूजर द्वारा निर्धारित की गई बिल राशि “ऑटो पे” की अधिकतम सीमा से ज्यादा होती है, बिल का मैनुअल भुगतान करना होगा। यूजर को बिलर के पास पंजीकृत अपना सही पहचान विवरण देना होगा। पहचान के विवरण में किसी भी प्रकार का परिवर्तन होने पर उसे पंजीकृत कराने की जिम्मेदारी यूजर की होगी। बिल विवरण संबंधी कोई भी विवाद होने पर उसका निपटान यूजर और बिलर के बीच होगा तथा बैंक का दायित्व सूचना उपलब्ध कराने तक ही सीमित होगा। यूजर को बिल की देय तिथि से कम से कम कुछ* कार्यदिवस पहले भुगतान करना होगा। यूजर इस बात पर भी सहमत है कि बिल की देय तिथि से कुछ* कार्यदिवस पहले ही भुगतान करने की जिम्मेदारी केवल यूजर की है। देरी से भुगतान करने पर, यूजर को विलंब शुल्क एवं बिलर द्वारा लगाए गए अन्य प्रभारों का भुगतान करना होगा। अगर बिलिंग कंपनी यूजर का विवरण बैंक को उपलब्ध कराती है तो यूजर को इसमें किसी प्रकार की कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

यूजर इस पर बिना शर्त सहमत है कि वह निम्नलिखित के लिए बैंक को उत्तरदायी नहीं ठहराएगा:

  • बैंक द्वारा अच्छी नीयत से यूज़र के निर्देश पर किए गए लेन-देन।
  • ऐसे अनुदेशों का पालन न करना जहाँ बैंक को यह विश्वास हो कि वह (वह बैंक के निर्णय पर प्रश्न/विवाद नहीं करेगा) निर्देश वास्तविक नहीं हैं या अन्यथा स्पष्ट, अनुचित, फर्जी या संदेहजनक हैं।
  • सयुंक्त खाते के संदर्भ में किसी भी यूजर द्वारा दिये गए अनुदेशों को मानना।
  • बिल भुगतान सेवाओं में किसी भी कारण से हुई किसी भी गलती, गड़बड़ी, खराबी या बाधा के कारण उसे हुए नुकसान या परेशानी।
  • सुविधा को पूर्णतया/आंशिक रूप से वापस लेना/रोकना। तथापि, बैंक अपनी वैबसाइट या संप्रेषण के किसी प्रचलित वैध माध्यम अथवा अन्यथा बैंक द्वारा जो भी उपयुक्त साधन हो, उसके द्वारा यूजर को सूचित करने का प्रयास करेगी।

यूजर इस बात पर भी सहमत है कि उसके द्वारा दिए गए अनुदेशों एवं लेनदेन का रिकॉर्ड सभी प्रयोजनों के लिए बाध्‍यकारी एवं निर्णायक सबूत होगा तथा किसी भी कार्यवाही में साक्ष्‍य के रूप में प्रयोग किया जा सकता है।

* बिलर के अनुसार कुछ का मतलब 1 से 5 कार्यदिवस हो सकता है तथा यह विभिन्न बिलर के मामलों में अलग-अलग हो सकता है।

मर्चेंट भुगतान

विभिन्न साइटों के माध्यम से इंटरनेट पर किए लेन-देन के लिए बैंक द्वारा भुगतान सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है। बैंक ऐसे लेन देन को निष्पादित करेगा तथा यूजर के खाते से नामे की गई राशि को सेवा प्रदाता/मेर्चंट के खाते में अंतरण करने के लिए जिम्मेदार होगा। ऐसे लेन-देन में गड़बड़ी होने पर बैंक उत्तरदायी नहीं होगा। इस तरह की किसी भी साइट पर उपलब्ध कराई गई सूचनाओं या ऐसी साइटों द्वारा उपलब्ध कराई गई सेवाओं/उत्पादों में कमी के लिए बैंक उत्तरदायी/जिम्मेदार नहीं होगा।

15. स्थायी अनुदेश/पूर्वनिर्धारित भुगतान

यूजर किसी भी निर्धारित तारीख (जिस तारीख पर यूजर का खाता सामान्य क्रम में नामे हो जाए) के लिए “स्थायी अनुदेश” अथवा “पूर्वनिर्धारित भुगतान” नियत कर सकता है। अगर यूजर नियत “स्थायी अनुदेश” अथवा “निर्धारित भुगतान” में बदलाव/निरस्त करना चाहता है तो यह निर्धारित दिनांक के एक दिन पूर्व कर देना जाना चाहिए।

16. लेन-देन प्रक्रिया समय

  • त्वरित लेनदेन
    विनिर्दिष्ट लेनदेन के त्वरित निष्‍पादन के लिए निश्चित समय से पहले प्राप्त सभी अनुदेशों को तत्काल किया जाएगा बशर्ते कि कोई रखरखाव या प्रक्रियागत कार्य न किया जा रहा हो या बैंक के नियंत्रण से बाहर की कोई अपरिहार्य स्थिति न आई हो। उदाहरण- निधि अंतरण, अन्य पक्ष निधि अंतरण, भुगतान रोकना आदि।
  • सामान्य लेनदेन
    सामान्य लेनदेन एवं शाखा की दखल के बाद किए जाने वाले लेनदेन के मामले में बैंक ऐसे लेन-देन को यथाशीघ्र करने का प्रयास करेगा। उदाहरण के लिए डिमांड ड्राफ्ट हेतु अनुरोध आदि।

17. लेन-देन प्रक्रिया के लिए अपे‍क्षित दस्तावेज

इंटरनेट बैंकिंग के अंतर्गत किसी भी सेवा के अनुरोध के लिए बैंक द्वारा अपेक्षित दस्तावेज एवं सूचना उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी यूजर की होगी। यदि किसी ऐसी सेवा के लिए अनुरोध किया गया है जो कि बिना दस्तावेज के नहीं हो सकती है तो बैंक ऐसे किसी भी अनुरोध पर तब तक कार्रवाई नहीं करेगा जब तक कि यूजर वह दस्तावेज जमा न कर दे।

18. बैंक को दिया गया प्राधिकार

यूजर की यूजर आई-डी और पासवर्ड के प्रमाणीकरण के बाद ही यूजर के खाता(तों) में इंटरनेट के माध्‍यम से बैंकिंग लेनदेन किया जा सकेगा। यूजर द्वारा इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं के माध्‍यम से अपने खातों से किए जाने वाले लेनदेन एवं बैंकिंग को पूरा करने के लिए बैंक को अपरिवर्तनीय एवं बिना शर्त प्राधिकृत किया जाता...

है। यूजर द्वारा इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं के माध्‍यम से किए गए बैंकिंग लेन-देन/अनुरोधों को पूरा करने के लिए बैंक को सुस्पष्‍ट प्राधिकार देता है। यूजर की यूजर आई-डी एवं पासवर्ड के सत्यापन के अलावा यूजर से इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं के माध्‍यम से प्राप्‍त किसी भी लेनदेन या इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं का प्रयोग करते हुए यूजर द्वारा भजे गए लेन-देन की प्रमाणिकता के सत्‍यापन के लिए बैंक जिम्मेदार नहीं है।

यूजर द्वारा इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं के परिचालन के समय प्राप्त डिस्‍पले या प्रिंट आउटपुट एक तरह से इंटरनेट एक्सेस परिचालन का रिकार्ड है तथा इसे उस संबंधित लेनदेन के लिए बैंक रिकार्ड के तौर पर नहीं माना जाएगा। बैंक द्वारा अपनी कंप्यूटर प्रणाली या अन्यथा के माध्‍यम से बनाए रखे जाने वाले लेनदेन का रिकार्ड ही सभी प्रयोजनों के लिए निर्णायक एवं बाध्‍यकारी माना एवं स्वीकार किया जाएगा। संयुक्त खाताधारकों में से किसी एक द्वारा भी इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं के माध्‍यम से खाते का परिचालन करने के बावजूद इंटरनेट बैंकिंग के माध्‍यम से किसी भी संयुक्त खाते के परिचालन संबंधी लेनदेन उन सभी खाताधारकों पर संयुक्त या पृथक रूप से बाध्‍यकारी होगा।

बैंक किसी भी समय बिना किसी सूचना के या कारण बताए, किसी भी या सभी इंटनेट बैंकिंग सेवाओं या यूजर द्वारा उनके उपयोग पर रोक लगा सकता है या समाप्त कर सकता है।

19. सूचना की सत्यता

ग्राहक को बैंक द्वारा सेवाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्‍य से समय-समय पर मांगी गईं सूचनाएं उपलब्ध करानी होंगी। इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं के उपयोग या मेल या लिखित सूचना जैसे किसी अन्य माध्‍यम से बैंक को उपलब्ध कराई गई ऐसी सूचनाओं की सत्यता के लिए यूजर जिम्मेदार होगा। यूजर द्वारा गलत/अधूरी/फर्जी सूचना उपलब्ध कराने से होने वाले प्रभावों की देयता बैंक पर नहीं होगी। अगर यूजर को संदेह है कि उसके द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना में कहीं कोई गलती है तो उसे तत्काल बैंक को सूचित करना चाहिए। ...

बैंक उस गलती को सुधारने के लिए “उत्‍तम प्रयास’’ करेगा। यदि यूजर को इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं के माध्‍यम से दी गई खाता सूचना में किसी प्रकार की त्रुटि दिखाई देती है तो उसे तत्काल बैंक को सूचित करना चाहिए। बैंक उस गलती को तुरंत ठीक करने के प्रयास करेगा तथा उस गलती के कारण लगाए गए ब्‍याज या प्रभार का समाधान करेगा।

20. यूजर के दायित्‍व

यूजर निम्नलिखित के लिए उत्‍तरदायी होगा

1. यहां उल्लिखित सेवा शर्तों (नियम एवं शर्तों) का अनुपालन न करने पर।

2. यदि वह इन सेवा शर्तों (नियम एवं शर्तों) का उल्लंघन करता है या उसकी मिलीभगत या निम्नलिखित लापरवाहियों से कोई हानि होती है : ...

  • बैंक स्टाफ सहित किसी को भी यूजर आईडी और/अथवा पासवर्ड प्रकटीकरण से बचाव के लिए हरसंभव कदम उठाने में असफल रहने तथा/या सही समय पर ऐसे प्रकटीकरण के बारे में बैंक को सूचित नहीं करना।
  • अनधिकृत पंहुच के बारे में बैंक को उचित समय सीमा में नहीं बताना अथवा इंटरनेट बैंकिंग के माध्‍यम से खाता(तों) में गलत लेन-देन के बारे में बैंक को सूचित नहीं करना।

21. बैंक की जवाबदेही

1. इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं के उपयोग से यूजर के धोखाधड़ी या लापरवाही वाले व्यवहार द्वारा खाता(तों) में किसी भी अनधिकृत लेन-देन के लिए बैंक जिम्‍मेदार नहीं होगा। ...

2. प्राकृतिक विपदाओं, आग एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं, कानूनी बंधनों, दूरसंचार नेटवर्क में खामियों या इंटरनेट या नेटवर्क खराबी, साफ्टवेअर या हार्डवेअर की त्रुटि आदि बैंक के लनयंत्रण से बाहर के किन्हीं भी कारणों सहित अन्य कोई कारणों आदि से खाताधाकों अथवा अन्य किन्हीं व्यक्तियों को हुए किसी भी प्रकार के प्रत्‍यक्ष, अप्रत्‍यक्ष, आकस्मिक अथवा परिणामी क्षति के दावे चाहे वे निवेश आधारित हों या किसी भी प्रकृति के हों, ऐसी क्षतियों के लिए किसी भी प्रकार से खाताधारकों के प्रति बैंक की देयता नहीं होगी।

3. बैंक अपने ग्राहक के खाता(तों)/सूचना की गोपनीयता को बनाए रखने के लिए हरसंभव कदम उठाने का प्रयास करेगा लेकिन बैंक के नियंत्रण से बाहर के कारणों से हुए गोपनीयता के उल्लंघन से खाताधारक को हुई किसी भी हानि के लिए बैंक जिम्मेदार नहीं होगा।

4. बैंक द्वारा वैध कारणों से यूजर द्वारा दिए गए अनुदेशों के निष्‍पादन को अस्वीकार किया जा सकता है।

5. नेटवर्क व्‍यस्‍तता, नेटवर्क अनुपलब्‍धता, सिस्‍टम अनुपलब्‍धता, अथवा बैंक या इसके सेवाप्रदाता(तों) के नियंत्रण से बाहर के अन्‍य किसी कारण से एसएमएस पासवर्ड और/अथवा एसएमएस अलर्ट की समय पर डिलिवरी न होने पर बैंक को जिम्‍मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

6. यहां उल्लिखित सब बातों के होते हुए भी, जहां कि बैंक के पास यह विश्‍वास करने का कारण है कि कोई लेन-देन या लियन मार्किंग धोखाधड़ी (इसके बाद से इसे संदेहजनक लेन-देन कहा गया है) से की गई है, तो बैंक को धन-शोधन से संबंधित नियामक कानून या अन्यथा के अनुसार इस प्रकार के संदिग्ध भुगतान को रोकने के लिए अधिकृत होगा। अगर पूछताछ एवं जांच के बाद बैंक को यह लगता है कि लेनदेन वैध है एवं संदेहास्‍पद नहीं हैं, तो बैंक उस रोके गए भुगतान को छोड़ सकता है।

22. क्षतिपूर्ति

यूजर इस बात पर सहमत है कि निम्नलिखित कारणों से होने वाली हानि एवं नुकसान के लिए बैंक एवं उससे संबद्ध को क्षतिपूर्ति करेगा, सुरक्षित रखेगा एवं बचाव करेगा: ...

1. यहां उल्लिखित सेवा शर्तों (नियम एवं शर्तों) का उल्लंघन

2. यूजर/ग्राहक द्वारा इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं का दुरुपयोग।

3. बैंक की इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं एवं/या उत्पादों में व्यवधान या देरी, खराबी से संबंधित मामलों के कारण किसी अन्य पक्ष द्वारा किए गए दावे ।

4. उत्‍पादों/इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं का किसी ऐसे तरीके से उपयोग करना जिससे सेवा शर्तों (नियम एवं शर्तों) का उल्‍लंघन होता हो या अन्यथा जो कि किसी कानून, नियम, शर्तों एवं विनियम का उल्‍लंघन करते हैं।

23. व्‍यक्तिगत सूचना का प्रकटीकरण

यूजर इस बात पर सहमत है कि इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं तथा सांख्यिकीय विश्‍लेषण के लिए बैंक या उसके सेवा प्रदाता उसकी व्‍यक्तिगत/तकनीकी सूचना को कंप्‍यूटर या अन्‍यथा इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं को रोक या चालू कर सकते हैं।...

यूजर इस बात पर सहमत है कि बैंक चाहे तो यूजर सिस्‍टम संबंधी सूचना प्राप्त कर सकता है। यूजर इस बात पर भी सहमत है कि बैंक चाहे तो, आवश्‍यकतानुसार निम्नलिखित कारणों से (यह शामिल हैं पर सीमित नहीं), उससे संबंधित व्यक्तिगत सूचनाओं को पूरी गोपनीयता के साथ अन्य संस्थाओं के साथ साझा कर सकता है:

1. किसी इलैक्‍ट्रानिक क्‍लेयरिंग नेटवर्क में सहभागिता के लिए

2. विधिक एवं/या भारतीय रिर्जव बैंक के निर्देशों के अनुपालन में

3. धोखाधड़ी रोकने हेतु

24. संशोधन

बैंक के पास बिना किसी पूर्व सूचना के किसी भी समय सेवा शर्तों (नियमों एवं शर्तों) में संशोधन या कुछ नया जोड़ने का विशेषाधिकार है। ...

तथापि, बैंक इन परिवर्तनों को अपनी वेबसाइट या विज्ञापन या बैंक द्वारा उपयुक्त माने जाने वाले किसी अन्य साधन द्वारा इसे प्रकाशित करने का प्रयास करेगा तथा यह यूजर के लिए बाध्‍यकारी होगा। नई सुविधाओं/तकनीक/विशेषताओं की उपलब्धता एवं उपस्थिति की सूचना उपलब्ध कराए जाने पर यूजर को दी जाएगी। इन नई सेवाओं का उपयोग करते हुए यूजर उस पर लागू सेवा शर्तों (नियमों एवं शर्तों) का पालन करने पर सहमत होता है।

25. अहस्‍तांतरणीय

ग्राहक को प्रदान की गई इंटरनेट बैंकिंग सेवा की सुविधाएं किसी भी स्थिति में अहस्‍तांतरणीय हैं तथा इसका उपयोग केवल यूजर द्वारा ही किया जाएगा।

26. स्‍वामित्‍व अधिकार

यूजर इस बात को स्वीकार करता है कि इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं एवं इंटरनेट संबंधित अन्‍य सॉफ्टवेयर में प्रयोग होने वाला सॉफ्टवेयर बैंक/संबंधित सेवा प्रदाता की विधिक संपत्ति हैं। ...

बैंक द्वारा इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं में एक्‍सेस करने की अनुमति देने से इन सॉफ्टवेयर पर किसी का स्‍वामित्‍व अथवा मालिकाना हक नहीं हो जाएगा। यूजर द्वारा इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं में प्रयुक्‍त सॉफ्टवेयर में सुधार, रूपांतरण, खोलना, पृथक करना या रिवर्स इंजीनियर करने का प्रयास नहीं करेगा या इस सॉफ्टवेअर के आधार पर नकल उत्पाद नहीं बनाएगा।

27. स्‍वामित्‍व और बौद्धिक संपदा अधिकार

वैबसाइट(टों) पर प्रदर्शित कॉपिराइट, ट्रेडमार्क, लोगो, सलोगन, और सेवामार्क पर बैंक अथवा संबंधित बौद्धिक संपदा अधिकार के मालिकों का बौद्धिक संपदा अधिकार पंजीकृतऔर अपंजीकृत है।... वैबसाइट(टों) पर कुछ भी नहीं होते हुए प्रदान करने का अनुमान, आशय द्वारा, विबंधन, अथवा अन्‍यथा, वैबसाइट(टों) पर प्रदर्शित किसी बौद्धिक संपदा को प्रयोग का कोई लाइसेंस या अधिकार है, बैंक से लिखित में अनुमति लिए बगैर अथवा ऐसे अन्‍य पक्ष जो बौद्धिक संपदा का स्‍वामी है वैबसाइट(टों) पर प्रदर्शित किया जा सकता है।

बैंक यूजर को वैबसाइट(टों) पर एक्‍सेस करने और इसमें निहित सेवा की शर्तों(शर्ते एवं निबंधन) के अनुसार इंटरनेट बैंकिेंग सेवाओं को प्रयोग करने का अधिकार देता है। यूजर को ज्ञात है, परंतु जो संदर्भ, कि सेवा जिसमें विषय, छायाप्रतियों, वीडियो, ऑडियो और/अथावा ग्राफिक तक ही सीमित हैं या तो संपत्ति है या बैंक और/अथवा विषय प्रदाता द्वारा सुरक्षित है और प्रयोज्‍य कॉपिराइट, ट्रेडमार्क, सेवामार्क, अंतरराष्‍ट्रीय संधियां और/अथवा स्‍वामित्‍व अधिकार भारत तथा अन्‍य देशों कानून और प्रयोज्‍य सेवा की शर्ते(शर्ते एवं निबंधन) शामिल हैं।

यूजर को यह मानना चाहिए कि प्रत्‍येक वह चीज, जो वह वैबसाइट पर देखता है(जिसे सामूहिक रूप से कॉन्‍टेन्‍ट संदर्भित किया गया है) बौद्धिक संपदा कानून तब तक कॉपिराइट नहीं है/सुरक्षित है जब तक अन्‍यथा बशर्ते कि, जैसा सेवा की शर्तों(शर्ते एवं निबंधन) में प्रावधान न किया गया हो, अथवा संबंधित कॉपिराइट स्‍वामी की बिना लिखित अनुमति के इसका प्रयोग नहीं किया जाए।

इन शर्तों के प्रावधान में प्रतिबंधों का भंग करना पूणर्तया कानूनन निषेध है, और इसके फलस्‍वरूप सिविल/दीवानी एवं फौजदारी/क्रीमिनल दंड़ दिया जा सकता है। बैंक को उचित सहायता प्राप्‍त (सभी नुकसान, प्रत्‍यक्ष, अप्रत्‍यक्ष, अनुवर्ती और अनुकरणीय सम्मिलित हैं) करने, इन सबसे ऊपर इसमें उपलब्‍ध सभी उपचारात्‍मक उपाय, इसके हित को सुरक्षित रखने का अधिकार होगा।

28. अन्‍य पक्ष लिंक/थर्ड पार्टी लिंक

वैबसाइट पर उपलब्‍ध हाइपरलिंक की गई साइट ऑनलाइन एसबीआई द्वारा नियंत्रित नहीं की जा सकती और ऐसे हाइपरलिंक किसी पृष्‍ठांकन/इंडोरमेंट, करार/एग्रीमेंट पर, अथवा कन्‍टेंट/विषयगत की सहायतार्थ, उत्‍पादों और/अथवा ऐसी वैबसाइट की सेवाओं में समाविष्‍ट नहीं होते हैं। ऑनलाइन एसबीआई कन्‍टेंट/विषयगत सहायतार्थ, उत्‍पादों और/अथवा ऐसी वैबसाइट की सेवाओं पर और किसी भी प्रकृति के सपले जिम्‍मेवार नहीं होगी, एक्‍सेस के लिए, अथवा एकसेस करने में असफल रहने पर, या प्रयोग पर, प्रयोग करने में अक्षम रहने पर, अथवा उपलब्‍ध विषय पर या ऐसी वैबसाइट के द्वारा अग्रलेख नियंत्रण नहीं करता है।

29. इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं का समापन/बंद करना

यूजर किसी भी समय एक लिखित सूचना देकर इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं को बंद करवाने का अनुरोध कर सकता है। इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं के ऐसे निरस्‍तीकरण के पूर्व हुए खाते(तों) में हुए लेन-देन के लिए यूजर जिम्‍मेदार होगा। ...

बैंक द्वारा दी गई सभी अथवा किसी इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं को बिना किसी पूर्व सूचना या कारण के रोकन अथवा बंद करने का बैंक का एकल अधिकार है अथवा ऐसे कारणें के लिए यूजर द्वारा इसका प्रयोग किया जाएगा।

1. यूजर द्वारा सेवा की शर्तों(शर्ते एवं निबंधन) का भंग करना

2. यूजर की मृत्‍यु, दिवालियापन अथवा विधिक अक्षमता के बारे में ज्ञान और सूचना

30. सूचनाएं

इन सेवा की शर्तों(शर्ते एवं निबंधन) के अंतर्गत बैंक द्वारा ग्राहक को किसी भी माध्‍यम से जिसे बैंक उचित समझे जैसे बैंक की वैबसाइट (www.sbi.co.in / www.onlinesbi.sbi/personal) अथवा इ-मेल, एसएमएस, शाखाओं में सार्वजनिक सूचना, अथवा समाचार पत्रों, रेडियो, टी वी, आदि द्वारा सूचना दी जा सकती है। ऐसी सूचनाओं का वही प्रभाव होगा जैसे कि प्रत्‍येक ग्राहक को व्‍यक्तिगत सूचना का होता है।

31. अप्रत्याशित घटना

बैंक इन सेवा शर्तों के अंतर्गत आने वाले किसी भी दायित्वों (शर्त एवं निबंधन) को पूरा करने हेतु निष्पादन में देरी या असफलता के लिए उत्तरदाई नहीं होगा यदि ये ऐसी परिस्थितियों के कारण होते हैं जिन पर बैंक का समुचित नियंत्रण नहीं है। इसमें दूरसंचार, ...

डाटा संचार, कंप्यूटर सिस्टम व सेवाओं की असफलता, ख़राबी या अनुपलब्धता, प्राकृतिक आपदाएं, युद्ध, नागरिकों में असंतोष, सरकारी कार्रवाई, हड़ताल, तालाबंदी, अथवा अन्य औद्योगिक कार्रवाई या व्यापार विवाद (चाहे इसमें बैंक कर्मचारी शामिल हों अथवा तृतीय पक्ष के ) शामिल हैं, परंतु इन तक ही सीमित नहीं है। इस प्रकार की देरी या असफलता सेवा शर्तो (शर्ते एवं निबंधन) का उल्लंघन नहीं मानी जाएगी और परिस्थितयो की दृष्टि से, प्रभावित दायित्व के निष्पादन हेतु निर्धारित समय अवधि को समुचित रूप से बढ़ाया जाएगा ।

32. सूचना प्रोद्यौगिकी अधिनियम, 2000 पर दावा परित्याग

बैंक ने प्रयोक्ता (यूजर) आईडी सत्यापन के माध्यम से और/अथवा पासवर्ड सत्यापन के माध्यम से अथवा बैंक के विवेकाधिकार पर निर्धारित सत्यापन के किसी अन्य तरीके से प्रयोक्ता के प्रमाणीकरण का तरीका अपनाया है। एतदद्वारा प्रयोक्ता सहमत है कि किए जा रहे लेनदेन अथवा उपर्युक्त तरीके से निष्पादित लेनदेन प्रयोक्ता के लिए वैध, बाध्यकारी और प्रवर्तनीय होंगे और लेनदेन पर प्रश्न उठाकर वह किसी प्रकार का विवाद नहीं करेगा ।

33. एंटी वायरस अपडेट पर दावा परित्याग

प्रयोक्ता को अपने पीसी/लैपटाप को नियमित आधार पर स्‍कैन करना जरूरी है और उसे उपलब्‍ध अद्यतित एंटीवॉयरस सॉफ्टवेयर से अपडेट रखें। इंटरनेट बैंकिंग प्रयोग के माध्‍यम से सिस्‍टम में आने व़ाले वॉयरस से किसी डाटा के नुकसान होने या चोरी होने पर बैंक जिम्‍मेदार नहीं होगा।

34. शासित कानून

बैंक के पास रखे यूजर के खातों में परिचालन एवं/या यह सेवा शर्तें (नियम एवं शर्तों) और/अथवा इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं के माध्‍यम से उपलब्ध कराई गई सेवाओं के उपयोग के संबंध में यह माना जाता है कि वह भारतीय कानून के अनुसार शासित हैं। भारत के अलावा किसी अन्य देश में लागू किसी भी तरह के कानून के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उल्लंघन की कोई जिम्‍मेदारी बैंक की नहीं होगी। ...

यूजर द्वारा भारत के अलावा किसी अन्य देश में इंटरनेट के माध्‍यम से इंटरनेट बैंकिंग सेवा एक्सेस करने के इस तथ्‍य का यह अर्थ नहीं लगाया जाना चाहिए कि इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं का उपयोग एवं/या इंटरनेट के माध्‍यम से यूजर के खातों में परिचालन एवं/ या इन सेवा शर्तों (नियम एवं शर्तों) पर उक्त देश के कानून लागू होते हैं। भारत में लागू इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं से संबंधित वर्तमान कानून का पालन करने पर यूजर सहमत है। यूजर जिस देश में इंटरनेट का प्रयोग करता है उसमें प्रचलित किसी भी विनियमों का पालन करना यूजर की जिम्‍मेदारी है ।

सभी विवाद मुंबई (भारत) के न्‍यायालयों के अधिकार क्षेत्र में आएंगे। तथापि, बैंक चाहे तो अपने विशेषाधिकार के अंतर्गत इन शर्तों से संबंधित विधिक कार्रवाई या कार्यवाही को किसी अन्य न्यायालय, ट्रिब्यूनल या उन्य उपयुक्त फोरम पर चला सकता है तथा इसके द्वारा यूजर उस अधिकारक्षेत्र पर स‍हमत है।